Give it your best!

One day every thing will come to an end,

therefore, it is good to give life our very best,

before it is too late to mend,

so that we do not have anything later to regret,

or left unfinished and undone which we later repent,

when we are finally laid for our ultimate rest,

and look back on a destiny fulfilled and a life fruitfully spent.

नया सवेरा

आज अंधेरों के साए हैं तो कल उजालों के दीप जलाने के लिए,

अभी उदासी की घटाए छाई हैं तो एक बार और खुशियों के पर्व मनाने के लिए,

आँखें कुछ डबडबाई हैं तो दोबारा मुस्कुराहटों की बौछार फैलाने के लिए,

जुदा हैं आज तो कल फिर मिल जाने के लिए,

जीवन में कठिन परिस्थितियां आती ही हैं, हमें बलवान बनाने के लिए,

भूलने वाली बात नहीं है, सूरज डूबता ही है एक बार फिर प्रकाश की किरनें बिखराने के लिए,

रात भले ही लम्बी हो सकती है, लेकिन, रात होती ही है एक नया सवेरा लाने के लिए।

गुलदस्ता

जैसे, फूलों से खुशबू, चाँद से चाँदनी, सूरज से किरनें, तारों से रौशनी, कभी जुदा नहीं होती, वैसे ही, हमारे ईश्वर भी हमसे कभी दूर नहीं होते, वे हमेशा ही हमारे साथ रहते हैं।

साज़ो-समान से या फ़िर दूसरों से असली खुशी हासिल नहीं होती। स्थाई सन्तोष और सच्चे सुख की प्राप्ति एक मात्र प्रभु की लगन में मगन हो के ही अनुभव की जा सकती है।

मन का मौन होगा तो वाणी का मौन स्वतः ही हो जाएगा। जब मन में व्यर्थ विचारों का आवागमन रोके न रुके, तब यह प्रयास छोड़ के भक्ति गीत व भजन सुनने से बिना किसी कोशिश के ही मन को सुकून की अनुभूती होती है, और हमारे समय और ऊर्जा दोनो की क्षति भी नहीं होती।

याद रखने वाली बात है, जब हम दूसरों के सम्मान का सम्मान करते हैं, तो हमारे आत्म-सम्मान की स्वतः ही सुरक्षा हो जाती है।

राहत के पल

बादलों के बदलते आकार में, इन्द्रधनुष के अनेक रंगो के प्रकार में,

नन्ही कलियों की प्यारी मुस्कान में, मासूम चिड़ियों की ऊंची उड़ान में,

सघन पेड़ों की ठण्डी छांव में, गुनगुनाती नदियों की चंचल लहरों में,

माटी की सौंधी सुगंध में, विशाल आकाश की असीम शरण में,

इस दुनिया की आपा-धापी में, सुकून की कुछ घड़ियां हैं प्रकृति की गोद में।

एक दुआ एक हासिल

…….सफर तू और मंज़िल भी तू ही,……

……..खोज तू और खज़ाना भी तू ही,……

……..वजह तू और मकसद भी तू ही,…….

……..बाहर तू और अंदर भी तू ही…….

……..मार्ग तू और लक्ष्य भी तू ही…….

……..प्रार्थना तू और वरदान भी तू ही……

………ज्योत तू और प्रकाश भी तू ही,…….

……..बून्द तू और सागर भी तू ही,……..

……..तू मैं और मैं भी तू ही…….

तिन खोया तिन पाया

जैसे,

आंधियों से टकरा के भी फूल अपनी खुशबू नहीं खोता,

नीले आकाश में बिखर के भी सितारा अपनी रौशनी नहीं खोता,

गहरे आसमान में हो के भी चंद्रमा अपनी शीतलता नहीं खोता,

कीचर में खिल के भी कमल अपनी शुद्धता नहीं खोता,

वैसे ही,

संसार में रह के भी हमें अपनी मूल दिव्यता को न ही भूलना चाहिए और न ही खोने देना चाहिए।

और ऐसे ही,

कठिन से कठिन और हर चुनौतिपूर्ण स्थिति में अपनी श्रद्धा और आस्था प्रभु पे अडिग बनाए रखनी चाहिए।

किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में व घोर से घोर अंधकार के साय में, हमें यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए की, ईश्वर हमारी सहायता अवश्य करेंगे और कुप अंधेरों से होते हुए उज्जवल प्रकाश का मार्ग निसंदेह दिखाएंगे, इतना विश्वास हमें हमेशा बनाए रखना चाहिए।

शाश्वत मित्र

जब छिन जाए सब धन-दौलत और ऊंचे मकान,

मिट जाए जब हर झूठी शान और खोखले लगने लगें सभी मान-सम्मान,

हो जाए जब अपने-पराए की सच्ची पहचान,

छाया हो जब हर ओर घोर अंधकार और तेज़ तूफान,

चाहे कैसे ही क्यों न हो ज़िन्दगी के इम्तिहान,

तब बस एक बात का रखना इत्मिनान,

की कोई है जिसे है हर घड़ी हमारा ध्यान,

जो हर क्षण कर रहा है हमारी सहायता, सुरक्षा व नित कल्याण,

वह कोई अन्य नहीं, वे तो हैं हम सभी के परमपिता, हमारे अपने श्री भगवान।

सुहाना सफ़र

सब हँसे तो हम भी मुस्कुरा दिये, कभी ग़मगीन हुए तो हम भी साथ रो लिए, सभी के सुख-दुख सभी से साझा हो लिए।

जीवन पथ पर चलते-चलते पग में फूल खिले या शूल मिले, हम तो बस यूंही चलते चले।

जीवन ने जब जो रुख लिया हमने भी वही कर लिया चाहे कांटे मिले या कलियां, हँस कर हमने सभी को अपना लिया।

सफर में जब सांझ ढली तो मन के दीप रौशन कर लिए, जब सवेरा हुआ तो एक बार फिर कदम आगे बढ़ा लिए।

जीवन में चलता ही रहता है धूप-छांव का यह खेल, चलते-चलते हो ही गया है इस चक्र से अपना भी ताल-मेल।

जब जैसा तब वैसा, इस जीवन का तो सौंदर्य ही है आखिर कुछ ऐसा!

Contemplations…….

……..endings bear the fruits of new beginnings……

……..constant renewal is the key to a fulfilling survival……

……..Faith never fails…….

……..an inner journey leads to Destination Eternity…….

……..in life manifest the blessing of the Divine Essence……

सदाबहार

खुशियों की बौछार है, हँसी की फ़ुहार है,

या ग़मों का भण्डार है और आंसुओं का अम्बार है,

हमारा जीवन निर्भर करता है की कैसे हमारे विचार हैं,

हमारी सोच से ही बनता बिगड़ता हमारा संसार है।

इसीलिए, नकारात्मक ख्याल को हर बार देनी उसकी हार है,

और इसकी जगह सकारात्मक समझ की हमे लानी बहार है।

इससे जीवन में उर्जा और उत्साह का संचार रहता लगातार है,

और ज़िन्दगानी का सफर हर हाल में बन जाता खुशगवार है।