प्रभु शरण नव जीवन

होना है प्रभु द्वार शरणागत, यहाँ है सबका एक सा स्वागत ।

सभी सुख दुख करने हैं प्रभु को अर्पण, होना है प्रभु चरण पूर्ण समर्पण ।

अपना कुछ नहीं सब तेरा है, यह जीवन भी अब ना मेरा है।

मिट गया अंधेरा है, आया अब नया सवेरा है ।

मन में ना कोई संदेह या भ्रांति है, प्रभु ने दी आपार अनंत शांति है ।

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