एक दुआ

जो फैला है, वह बंध जाए, जो छितरा है, वह सिमट जाए।

जो खोया है, वह मिल जाए, जो ढूंढ रहा है, वह पा जाए।

जो भटका है, वह मंज़िल तक पहुंच जाए, जो बिखरा है, वह एकत्रित हो जाए।

अपनी तो बस एक यही है दुआ, की, हर एक के जीवन से बादल छंट जाए और बहार हर ओर छा जाए, गहरी सियाह रात कट जाए और सूरज की सुनहरी किरनें हर छोर रौशन कर जाए, हर एक सहरा के रेत में रंग-बिरंगे फूल खिल-खिलाए और हर किसी की ज़िंदगी में उदासियों के सायों में उम्मीदों के अनगिनत दीप जगमगाए।

अपनी तो बस एक यही है दुआ, की, ईश्वर हर एक की दुआ कबूल कर लें और सबकी झोली खुशियों से भर जाए, ऊपरवाला हर एक पर रहम करे और सभी के चहरों पर मुस्कान खिल जाए।

एक भी अनेक भी

जीवन तो एक ही है, मगर जन्म तो इसमें अनेक हैं।

ज़िंदगी में हो रहा हर एक वाक्या, घट रही हर एक घटना, कुछ बदलती है, कुछ सिखाती है, कुछ भुलाती है तो कुछ बताती है।

कुछ पीछे छोड़ते हैं, तो कुछ ले के आगे बढ़ते हैं।

जैसे कल शुरुआत की थी, वैसे आज नहीं हैं, और जैसे आज हैं, वैसे कल नहीं होंगे।

नाम और रूप तो शायद वही रहते हैं, मगर जो इन्सान है, वह हमेशा ही बदलता रहता है, टूटता और संवरता रहता है, गिरता और सम्भलता रहता है, बिखरता और निखरता रहता है, जीवन तो एक ही है, हाँ मगर जन्म तो इसमें हमेशा नया होता ही रहता है।

छोटी सी बात

सदा हम स्व्यं पर निर्भर करेंगे, और अगर करना ही होगा किसी अन्य पर तो, ईश्वर पर भरोसा रखेंगे। प्रभु हर समस्या का समाधान करेंगे, इतना विश्वास कर के ही हम जीवन पथ पर आगे बढ़ेंगे। अब तो बस, सत्य, निष्ठा और भगवन के संग हम हमेशा ही हँसते मुस्कुराते उम्र भर चलते चलेंगे।

और एक बात हमेशा ही जो रखना याद, जीवन से बड़ा कोई तप नहीं, अनुभव से अच्छी कोई पुस्तक नहीं।

खूबसूरत नज़ारे जो हैं ज़िंदगी के सहारे

उदासियों की राहों से गुज़र कर ही उम्मीदों के मंज़र दिखते हैं।

अंधेरों के सायों से निकल कर ही उजालों के काफिले मिलते हैं।

ग़मों की दहलीज़ पार कर के ही खुशियों के द्वार खुलते हैं।

पत्थरीले रास्तों पर चल कर ही राहों में गुल खिलते हैं।

धूप में तप कर ही ठण्डी छांव में कुछ पल गुज़रते हैं।

और इसलिए, अब तो आंधियों में भी सदा ही मन के चिराग जगमग करते हैं।

कुछ साझा बातें

जीवन अमूल्य है। इसे निरर्थक बातों में व्यर्थ न करें। चन्द घड़ियां ही तो हैं व सांसे अति बहुमूल्य हैं, इन्हे खुश रहने और खुशियां बांटने में सार्थक करें।

प्रकृति का ध्यान रखना अपना ध्यान रखना ही है। हम भी तो प्रकृति का ही एक अंश हैं। प्रकृति की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं।

हम हमेशा ही रहते हैं इतने व्यस्त की यह तो भूल ही गए हैं की कैसे होते हैं मस्त! कुछ क्षण कभी एकांत में अपने खुद के साथ बिताएं। स्वयं से जान-पहचान बनाएं। जब खुद को जान जाएंगे तब सभी समस्याओं की जड़ समझ जाएंगे और समाधान भी आप ही जान जाएंगे।

एक बात याद रखने योग्य है, नीयत से ही बनती है नीयती। ईश्वर तक हमारी नीयत पहुंचती है, भले ही किसी भी कार्य का नतीजा दुनिया और लोगों के समक्ष ही क्यों न आता हो।

एक बात और, जब हमारा भाव शुद्ध होगा तो फिर कार्य भी अवश्य सफल ही होगा। और अगर किसी कारणवश वांछित फल न भी मिले तो भी कोई अनिष्ठ तो नहीं ही होगा।

कभी समय मिले तो इस विषय पर अवश्य ही सोचें, की, जो सांसारिकता के पार जाते हैं, वही तो प्रभु के पास आते हैं!

A Few Thoughts….Meanderings….

1) Think about this……self- will or the Universal Will…….

my plan or the Cosmic Plan……

Outside world’s noise or the Inner Voice…..

2) Short term fixes lasts for a short time. Long term Resolutions lasts for a life time.

3) Uncomplicate. Simplify…… Simple is the best Principle.

4) Be original. Be yourself. Each one of us is unique.

5) There is a time to think and a time to act. Strike a balance. Try to do the right thing at the right time. Good intentions and well meant actions always bear good fruits.

6) Sometimes, extricate yourself from the web of the world. Spend some time by yourself for yourself. This only helps one to face the world better.

7) Each day is an occasion for celebration. The sun is shining, the moon is smiling and the breeze is blowing on each one of us. Receive the blessing with gratitude and joy.

8) Last but certainly not the least,(infact, the best is saved for the last!), never forget to remember, happiness is an inside job! Choose to be happy!

Light and Shade

Compassion Empathy Understanding- the best in a human being. These are the qualities that make a human being a humane being.

Anger Greed Avarice- the worst in a human being. These are the traits that turns a human being not just into an inhuman but also an unhuman being.

Faith Conviction Belief in the Almighty- strengths of the human nature and is a part of our higher self. These attributes not only brings out the best in us but also brings us closer to the Almighty.

Fear Doubt Anxiety- weaknesses of the human nature and is part of our lower self. These tendencies not only saps us of energy but also hinders our true potential from manifesting itself.

We have to give up the worst and the weakest with Will Power and nurture the best and the strongest to the best of our capability. We have to get out of the darkness of ignorance and move towards the Light of Knowledge. This will make us feel light and easy in our every day life and also open the doors to Divine Light and Grace.

Destination Destiny

Recognise, Realise and Fulfil your Destiny. Let your Destiny run its course. Go with the flow and feel healed and whole. Resisting or denying your Destiny causes internal strife and conflict and immense personal suffering. Allow the Wheels of Destiny to complete its Cycle and attain inner peace and lasting contentment. Let your Destiny reach its Destination!

विचार समूह

किसी भी कूविचार का बीज मन में न पनपनपने पाए ताकी मन के आंगन में वह अपनी जड़ें न पसार पाए। जिस क्षण कोई भी कूविचार मन में आए बस उसी क्षण उसका दमन कर दिया जाए। क्योंकि,कूविचार के पेड़ कटुता और शत्रुता के फल खिलाए। इसके स्थान पर सूविचार के हरे-भरे पौधे लगाएं और इन्हें स्नेह और लगन से सींचा जाए। यहाँ सदा ही मिलेंगे मैत्रि, करुना और सद्भावना के घनेरे साए।

चिंता नहीं, करना है चिंतन, क्योंकि सार्थक चिंतन से ही होगा उचित मार्ग दर्शन। जब स्थिति व परस्थिति का होगा सही आंकलन तब ही तो स्थाई होगा हमारा जीवन।

खुद को खुद से खाली करलो तो खुद में खुदाई को महसूस करो। यह तो सिर्फ एक एहसास है इसे लफ़्ज़ों में बयां करने में वक्त न ज़ाया करो।